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à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ से 100 गà¥à¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हैपेटाइटिस-बी, 60 मामले मानसून में दरà¥à¤œ होते हैं, कारण दूषित पानी
हेलà¥à¤¥ डेसà¥à¤•. हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन ने संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हेपेटाइटिस को à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ के रूप में चिनà¥à¤¹à¤¿à¤¤ किया है। अकेले à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही क़रीब 1 करोड़ से अधिक लोग हेपेटाइटिस-सी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं। यह हेपेटाइटिस वायरस से फैलता है। हेपेटाइटिस के अधिकतर संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मरीज़ों को पता ही नहीं होता कि वे इस रोग की ज़द में हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ 4 करोड़ के आसपास है। हेपेटाइटिस-बी à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ की बीमारी से 100 गà¥à¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है। इसके लगà¤à¤— 60 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामले मानसून के दौरान दरà¥à¤œ किठजाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हैपेटाइटिस 'à¤' और 'ई' पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित जल की वजह से होता है। इस मौसम में शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है इसलिठउन लोगों में इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ अधिक हो जाती हैं। ऑनकà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ लेबोरेटरीज़ के सीओओ डॉ. रवि गौर से जानते हैं इससे कैसे बचें... सवाल: यह कितने पà¥à¤°à¤•ार का होता और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं? जवाब: हेपेटाइटिस कई पà¥à¤°à¤•ार का होता है। इसके फैलने के कारण à¤à¥€ अलग-अलग हैं। जैसे... हेपेटाइटिस à¤- यह दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ और जल से फैलता है। हेपेटाइटिस बी- संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रकà¥à¤¤ या किसी दूसरे दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आने पर यह फैल सकता है। हेपेटाइटिस सी- à¤à¤šà¤¸à¥€à¤µà¥€ (हेपेटाइटिस -सी वायरस) के कारण होता है और संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ ख़ून या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से होता है। हेपेटाइटिस डी- डी वायरस के कारण होता है। जो पहले से ही हेपेटाइटिस बी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं वे ही इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होते हैं। à¤à¤šà¤¡à¥€à¤µà¥€ व à¤à¤šà¤¬à¥€à¤µà¥€ दोनों के साथ होने पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदà¥à¤¤à¤° हो जाती है। हेपेटाइटिस ई- अधिकतर पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित जल और à¤à¥‹à¤œà¤¨ से फैलता है। अनà¥à¤¯ कारणों में अलà¥à¤•ोहल, विषैली दवाà¤à¤‚ और ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न डिज़ीज़ के कारण à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इसका रोगी हो सकता है। सवाल: इसके लकà¥à¤·à¤£ दूसरे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कितने अलग हैं और कैसे पहचानें? जवाब: सामानà¥à¤¯à¤¤à¥Œà¤° पर यह हेपेटाइटिस वायरस से फैलता है। शराब या दूसरे चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारण से à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤• बार इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर 2 से 4 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं। हालांकि कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ समय लग सकता है। अगर बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान और कमज़ोरी लगे, कà¥à¤› खाने का मन न करे, मतली-उलà¥à¤Ÿà¥€ आठऔर बà¥à¤–ार महसूस हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। मांसपेशियों या शरीर या पेट में में दरà¥à¤¦ होना, पेशाब का रंग गहरा होना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों में पीलापन (पीलिया) व तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना इसके मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं। सवाल: इस बीमारी का खतरा किस उमà¥à¤° वरà¥à¤— के लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है? जवाब: 50 साल से अधिक उमà¥à¤° के लोग या जो लमà¥à¤¬à¥‡ समय से लिवर की बीमारी का सामना कर रहे हों उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसका ख़तरा ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ और à¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गमà¥à¤à¥€à¤° बीमारी हो सकती है जिसे फà¥à¤²à¥à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट हेपेटाइटिस-'à¤' वायरस कहते हैं। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ होना, कंपकंपी आदि शामिल हैं। सवाल: इस बीमारी में जान का जोखिम कितना होता है? जवाब: हेपेटाइटिस 'à¤' के क़रीब 1 फ़ीसदी मामलों में ही लिवर फेल होता है। हेपेटाइटिस-ई में लिवर फेल के केस अधिक सामने आते हैं, और क़रीब 3 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में जान जाने का जोखिम रहता है। कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ सामने आने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। यह à¤à¤• जानलेवा बीमारी है और इसका सही तरह से इलाज होने पर ही पूरी तरह से बचाव संà¤à¤µ है। हेपेटाइटिस धीरे-धीरे लिवर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है और यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि इसके लकà¥à¤·à¤£ साफ़ दिखाई न दें। इसी तरह यह ठीक à¤à¥€ धीरे-धीरे ही होता है इसलिठइसमें कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से लेकर महीनों तक का à¤à¥€ समय लग सकता है। सवाल: इससे कैसे बच सकते हैं और किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें? जवाब: हेपेटाइटिस 'à¤' के लिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ है जिसकी दो ख़à¥à¤°à¤¾à¤• 6-6 महीने के अंतर पर दी जाती है। यह वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ हेपेटाइटिस 'à¤' के खिलाफ़ लगà¤à¤— 95 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤—ति की वज़ह से आज हमारे पास अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ तौर पर अनेकों वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ उपलबà¥à¤§ हैं। हेपेटाइटिस 'à¤' और 'ई' का कोई विशेष उपचार नहीं है और जीवनशैली में सामानà¥à¤¯ सावधानियां बरतकर इससे दूर रहा जा सकता है। शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम दें, à¤à¥‹à¤œà¤¨ में हेलà¥à¤¦à¥€ चीजें लें। इसमें उलà¥à¤Ÿà¥€ और डायरिया के कारण हà¥à¤ˆ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¤¿ करना à¤à¥€ शामिल है। बाहर का खाना और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ फूड से परहेज़ करें। खाना अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाकर ही खाà¤à¤‚। पीने के पानी के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को साफ़ रखें, सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी पिà¤à¤‚।
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